Rusty and Me

It's almost midnight. I have a new picture as my facebook profile. On my lap lies a story from 'Potpourri'. Ruskin is Rusty in 'Love and Cricket' where he meets his beloved Sushila after more than a decade. The notifications on the mobile disturb their conversations of subtle love. Rusty is glad but Sushila looks … Continue reading Rusty and Me

वो, तुम्हारे भीतर वाली दुनिया

वो तुम्हारे भीतर वाली दुनिया कभी शांत, स्थिर, मूक सी, आडंबर को ताकते हुए निस्तब्ध रहकर सिद्धी पाती है। कभी अचानक... उपद्रवी सी होकर हंगामा मचाती है। धरातल खंगर सा लगे पर भीतर अश्रु बहाती है। बेदाम, दुस्साहसी बन कर आज़ादी चाहती है। फिर तुम उसका हाथ थाम लेते हो। लम्बा सा सुफियाना कलाम सुनाकर, … Continue reading वो, तुम्हारे भीतर वाली दुनिया