Poetry

Music of the heart!!!

जीवन में एक सितारा था…

1990 में एक बहुचर्चित फ़िल्म आयी थी। नाम था ‘अग्निपथ’ । मैं उस समय मात्र दस साल की थी। सिनेमा घर हम जाते नही थे और दूरदर्शन के सिवा हम कुछ देखते नही थे। इसलिए फ़िल्म कब बड़े पर्दे पे आयी, कब चली गयी, इस बात का न कोई आभास हुआ और न ही जानने …

जीवन में एक सितारा था… Read More »

WHICH OF THESE WILL LAST?

‘IGNITE-from within the confines-‘ was an online art and poetry exhibition curated by Deepa Gopal. I was paired with artist Ahlam Abbas from Lebanon and I composed five poems for her transcendental art pieces. I present one of the poems titled WHICH OF THESE WILL LAST? which compares love in two conditions of the lockdown- …

WHICH OF THESE WILL LAST? Read More »

बड़े शहरों में मेरा मन नही लगता

बड़े शहरों की ऊँची इमारतों मेंमेरा मन नही लगतायहाँ जगमगाते बल्बदफ़्न करते हैं पहाड़ों की धामचटकनियों के सहारेखिड़की और दरवाज़ेसलामत रखते हैंबहुतायत, दिखावा और मायूसीठंडी बयारें पंखे का टेक लगाएदबे पाँव ही आती हैंबाग़ी हवाओं को यहाँआशियाँ नही मिलताबड़े शहरों की ऊँची इमारतों मेंमेरा मन नही लगताउठती है टीस रोज़ हीइनके बाज़ारों मेंजहाँ बिकते हैं …

बड़े शहरों में मेरा मन नही लगता Read More »

Tinted Glasses

I see the green of jealousywalk into the room surreptitiously,glinting malevolence rumbles her insides;wary and leery I steal away,to bump into a melancholic grey. ‘Hello there!’ it smiles wistfully‘I’m called melancholy!’Long alleys of despondency writ on its face,a phantasm of drudgerymethinks has overstayed. So, I move on to yet another avenue,to be ushered in by …

Tinted Glasses Read More »

शोर

अंग्रेज़ी में एक कहावत है, Grass is greener on the other side. दूर से जब हम क़ामयाबी और प्रशंसा को देखते हैं तो वो ताजमहल प्रतीत होती है। मगर पास आने पर वो कामयाबी सिर्फ एक खूबसूरत मक़बरा बन कर रह जाती है। उसका मधुर सा लगने वाला संगीत शोर बन जाता है। ऐसे ही …

शोर Read More »

EBook Launch

Dear friends The hysteria on Twitter doesn’t seem to be dying out today because it is the Blog chatter Ebook Carnival! Unlocked- Historical Tales in Verse my debut book based on the A to Z Series 2020 is enlisted right there and is available for free download for a short period. So, what are you …

EBook Launch Read More »

जो छूट गए…

जो छूट गए वो पल भर थे सागर नही बस लहर ही थे मंज़िल तो नही पथिक ही थे फिर क्षोभ है क्यों उनके जाने का क्रोध है क्यों संसार मे जिसने जन्म लिया पृथक ही उसने जीवन जिया आते जाते कुछ हाथ मिले जो एक मोड़ तक साथ चले फिर राह चुनी जो तूने …

जो छूट गए… Read More »

यादों का स्वेटर

(आज मेरे बेटे का जन्मदिन है। चौदह साल यूँ गुज़र गए मानो छू मंतर हो गए! उसके बचपन को याद करते हुए कुछ पंक्तियाँ लिखी हैं) लम्हों के ऊनी धागों सेमैंने यादों का स्वेटर सजोया हैवक़्त तो बेज़ार हैदेखो तेज़ रफ़्तार हैस्वेटर अब वो सिमट गया हैसमय से जैसे लिपट गया हैऊन अब भी नर्म …

यादों का स्वेटर Read More »

मैं इश्क़ हूँ

सच मे,तुम्हारी कसम,चाँद को हथेली पर रख सकता हूँमैं इश्क़ हूँकुछ भी कर सकता हूँ!तारों की बारातसजा सकता हूँबिंदु से तरंगेउठा सकता हूँमन को आतुरकर उसकी थाह लेता हूँमैं इश्क़ हूँइन्द्रजालों में पनाह लेता हूँ।मैंने आसमान को लाल भी रंगा हैपंखों के बिनाउड़ने का स्वाद भी चखा है,फीकी खिचड़ी को भोज बताया हैमैं इश्क़ हूँमैने …

मैं इश्क़ हूँ Read More »

The Phone Call

<a href=”http://Image by Free-Photos from Pixabay” target=”_blank” rel=”noopener”>(Image Source) It was just an ordinary day at work His head, buried in files, sought some respite. There was a presentation that lurked in the laptop and another one that needed to be chopped. The boss was expected at any time He knew he had to toe …

The Phone Call Read More »

%d bloggers like this: