ABUSED (A)

NOTE: History is a vast area of study. Although much care has been taken during research on the topics for this challenge, there may be versions and more facts. In case of disagreement, please feel free to mail at soniadogra1979@gmail.com . You are requested to be kind in the comments below. You may check the … Continue reading ABUSED (A)

यादों का स्वेटर

(आज मेरे बेटे का जन्मदिन है। चौदह साल यूँ गुज़र गए मानो छू मंतर हो गए! उसके बचपन को याद करते हुए कुछ पंक्तियाँ लिखी हैं) लम्हों के ऊनी धागों सेमैंने यादों का स्वेटर सजोया हैवक़्त तो बेज़ार हैदेखो तेज़ रफ़्तार हैस्वेटर अब वो सिमट गया हैसमय से जैसे लिपट गया हैऊन अब भी नर्म … Continue reading यादों का स्वेटर

मैं इश्क़ हूँ

सच मे,तुम्हारी कसम,चाँद को हथेली पर रख सकता हूँमैं इश्क़ हूँकुछ भी कर सकता हूँ!तारों की बारातसजा सकता हूँबिंदु से तरंगेउठा सकता हूँमन को आतुरकर उसकी थाह लेता हूँमैं इश्क़ हूँइन्द्रजालों में पनाह लेता हूँ।मैंने आसमान को लाल भी रंगा हैपंखों के बिनाउड़ने का स्वाद भी चखा है,फीकी खिचड़ी को भोज बताया हैमैं इश्क़ हूँमैने … Continue reading मैं इश्क़ हूँ

The Phone Call

<a href="http://Image by Free-Photos from Pixabay" target="_blank" rel="noopener">(Image Source) It was just an ordinary day at work His head, buried in files, sought some respite. There was a presentation that lurked in the laptop and another one that needed to be chopped. The boss was expected at any time He knew he had to toe … Continue reading The Phone Call

सपनों के शहर हम जाते नही

उड़ने का हौंसलाहम दिखाते नही,सपनों के शहरअब हम जाते नही। बहती हवाक्यों पेड़ों की शाखाओंसे उलझ गई,पानी की लहर देखोउफ़ान से पहलेही सिमट गई,उड़ती पतंग भीअपनी डोर से आके लिपट गई। पिंजरों से हमेंशिकायत है बड़ीफिर भी उड़ने का हौंसलाहम दिखाते नही,सपनों के शहरअब हम जाते नही। आसमानों की मुरादहमें कम तो नहीमगर पैरों को … Continue reading सपनों के शहर हम जाते नही

तो क्या मिल जाते हैं चुप रहने वाली औरतों को सौ सुख?

कहते हैं वो घर सुखी होते हैंजहां औरतें कम बोलती हैं,उनकी चुप्पी की बुनियादपर खड़े होते हैंखुशियों के शीश महल, भर जाती हैं उनकी झोलियाँहज़ारों सुखों से।एक चुप परवो कहते हैं नासौ सुख वारते हैं…और ताउम्र की चुप्पी पर? गुज़र जाती हैउनकी ज़िंदगीसिर्फ एक उसूल पर,वो जानती हैंबोलने के गुनाहों केमाफीनामे नही बनते। कटघरे बनते … Continue reading तो क्या मिल जाते हैं चुप रहने वाली औरतों को सौ सुख?