Category: Poetry

Music of the heart!!!

WHICH OF THESE WILL LAST?

‘IGNITE-from within the confines-‘ was an online art and poetry exhibition curated by Deepa Gopal. I was paired with artist Ahlam Abbas from Lebanon and I composed five poems for her transcendental art pieces. I present one of the poems titled WHICH OF THESE… Continue Reading “WHICH OF THESE WILL LAST?”

बड़े शहरों में मेरा मन नही लगता

बड़े शहरों की ऊँची इमारतों मेंमेरा मन नही लगतायहाँ जगमगाते बल्बदफ़्न करते हैं पहाड़ों की धामचटकनियों के सहारेखिड़की और दरवाज़ेसलामत रखते हैंबहुतायत, दिखावा और मायूसीठंडी बयारें पंखे का टेक लगाएदबे पाँव ही आती हैंबाग़ी हवाओं को यहाँआशियाँ नही मिलताबड़े शहरों की ऊँची इमारतों मेंमेरा… Continue Reading “बड़े शहरों में मेरा मन नही लगता”

Tinted Glasses

I see the green of jealousywalk into the room surreptitiously,glinting malevolence rumbles her insides;wary and leery I steal away,to bump into a melancholic grey. ‘Hello there!’ it smiles wistfully‘I’m called melancholy!’Long alleys of despondency writ on its face,a phantasm of drudgerymethinks has overstayed. So,… Continue Reading “Tinted Glasses”

शोर

अंग्रेज़ी में एक कहावत है, Grass is greener on the other side. दूर से जब हम क़ामयाबी और प्रशंसा को देखते हैं तो वो ताजमहल प्रतीत होती है। मगर पास आने पर वो कामयाबी सिर्फ एक खूबसूरत मक़बरा बन कर रह जाती है। उसका… Continue Reading “शोर”

EBook Launch

Dear friends The hysteria on Twitter doesn’t seem to be dying out today because it is the Blog chatter Ebook Carnival! Unlocked- Historical Tales in Verse my debut book based on the A to Z Series 2020 is enlisted right there and is available… Continue Reading “EBook Launch”

जो छूट गए…

जो छूट गए वो पल भर थे सागर नही बस लहर ही थे मंज़िल तो नही पथिक ही थे फिर क्षोभ है क्यों उनके जाने का क्रोध है क्यों संसार मे जिसने जन्म लिया पृथक ही उसने जीवन जिया आते जाते कुछ हाथ मिले… Continue Reading “जो छूट गए…”

यादों का स्वेटर

(आज मेरे बेटे का जन्मदिन है। चौदह साल यूँ गुज़र गए मानो छू मंतर हो गए! उसके बचपन को याद करते हुए कुछ पंक्तियाँ लिखी हैं) लम्हों के ऊनी धागों सेमैंने यादों का स्वेटर सजोया हैवक़्त तो बेज़ार हैदेखो तेज़ रफ़्तार हैस्वेटर अब वो… Continue Reading “यादों का स्वेटर”

मैं इश्क़ हूँ

सच मे,तुम्हारी कसम,चाँद को हथेली पर रख सकता हूँमैं इश्क़ हूँकुछ भी कर सकता हूँ!तारों की बारातसजा सकता हूँबिंदु से तरंगेउठा सकता हूँमन को आतुरकर उसकी थाह लेता हूँमैं इश्क़ हूँइन्द्रजालों में पनाह लेता हूँ।मैंने आसमान को लाल भी रंगा हैपंखों के बिनाउड़ने का… Continue Reading “मैं इश्क़ हूँ”

The Phone Call

<a href=”http://Image by Free-Photos from Pixabay” target=”_blank” rel=”noopener”>(Image Source) It was just an ordinary day at work His head, buried in files, sought some respite. There was a presentation that lurked in the laptop and another one that needed to be chopped. The boss… Continue Reading “The Phone Call”

सपनों के शहर हम जाते नही

उड़ने का हौंसलाहम दिखाते नही,सपनों के शहरअब हम जाते नही। बहती हवाक्यों पेड़ों की शाखाओंसे उलझ गई,पानी की लहर देखोउफ़ान से पहलेही सिमट गई,उड़ती पतंग भीअपनी डोर से आके लिपट गई। पिंजरों से हमेंशिकायत है बड़ीफिर भी उड़ने का हौंसलाहम दिखाते नही,सपनों के शहरअब… Continue Reading “सपनों के शहर हम जाते नही”

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