Tag: #कविता

शोर

अंग्रेज़ी में एक कहावत है, Grass is greener on the other side. दूर से जब हम क़ामयाबी और प्रशंसा को देखते हैं तो वो ताजमहल प्रतीत होती है। मगर पास आने पर वो कामयाबी सिर्फ एक खूबसूरत मक़बरा बन कर रह जाती है। उसका… Continue Reading “शोर”

आज लंबी कतारें हैं

आज सुबह tv पर न्यूज़ सुनी। कह रहे थे कि आजकल कॉफिन्स की बिक्री बढ़ गयी है। फिर कहा कि कुछ देश अभी भी अपनी सीमांतों को लेकर लड़ रहे हैं। कुछ राजनैतिक तंज कसे जा रहे थे। एक चक्रवर्ती तूफान की तबाही का… Continue Reading “आज लंबी कतारें हैं”

जो छूट गए…

जो छूट गए वो पल भर थे सागर नही बस लहर ही थे मंज़िल तो नही पथिक ही थे फिर क्षोभ है क्यों उनके जाने का क्रोध है क्यों संसार मे जिसने जन्म लिया पृथक ही उसने जीवन जिया आते जाते कुछ हाथ मिले… Continue Reading “जो छूट गए…”

मैं इश्क़ हूँ

सच मे,तुम्हारी कसम,चाँद को हथेली पर रख सकता हूँमैं इश्क़ हूँकुछ भी कर सकता हूँ!तारों की बारातसजा सकता हूँबिंदु से तरंगेउठा सकता हूँमन को आतुरकर उसकी थाह लेता हूँमैं इश्क़ हूँइन्द्रजालों में पनाह लेता हूँ।मैंने आसमान को लाल भी रंगा हैपंखों के बिनाउड़ने का… Continue Reading “मैं इश्क़ हूँ”

सपनों के शहर हम जाते नही

उड़ने का हौंसलाहम दिखाते नही,सपनों के शहरअब हम जाते नही। बहती हवाक्यों पेड़ों की शाखाओंसे उलझ गई,पानी की लहर देखोउफ़ान से पहलेही सिमट गई,उड़ती पतंग भीअपनी डोर से आके लिपट गई। पिंजरों से हमेंशिकायत है बड़ीफिर भी उड़ने का हौंसलाहम दिखाते नही,सपनों के शहरअब… Continue Reading “सपनों के शहर हम जाते नही”

तो क्या मिल जाते हैं चुप रहने वाली औरतों को सौ सुख?

कहते हैं वो घर सुखी होते हैंजहां औरतें कम बोलती हैं,उनकी चुप्पी की बुनियादपर खड़े होते हैंखुशियों के शीश महल, भर जाती हैं उनकी झोलियाँहज़ारों सुखों से।एक चुप परवो कहते हैं नासौ सुख वारते हैं…और ताउम्र की चुप्पी पर? गुज़र जाती हैउनकी ज़िंदगीसिर्फ एक… Continue Reading “तो क्या मिल जाते हैं चुप रहने वाली औरतों को सौ सुख?”

रहती है सिर्फ याद

रास्ते सफर बन जाते हैं ढूंढ लेते हैं नए सिरे अंत से पहले। बालों में उलझा हवा का झोंका झटक जाता है, समय की छलनी से मैं देखती हूँ पहाडों पर बिखरती धूप। मुट्ठी में भर लायी थी जो, उस सुबह की भीनी सुगंध… Continue Reading “रहती है सिर्फ याद”

आसमान का रंग

(Image source: pixabay) एक बार की बात है, एक आदमी बीमार पड़ गया तो उसे अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया। वह पूरा दिन बिस्तर पर पड़ा रहता था। उसके कमरे में बस एक छोटा सा रोशनदान था, जिससे आसमान साफ नज़र आता था।… Continue Reading “आसमान का रंग”

वो, तुम्हारे भीतर वाली दुनिया

वो तुम्हारे भीतर वाली दुनिया कभी शांत, स्थिर, मूक सी, आडंबर को ताकते हुए निस्तब्ध रहकर सिद्धी पाती है। कभी अचानक… उपद्रवी सी होकर हंगामा मचाती है। धरातल खंगर सा लगे पर भीतर अश्रु बहाती है। बेदाम, दुस्साहसी बन कर आज़ादी चाहती है। फिर… Continue Reading “वो, तुम्हारे भीतर वाली दुनिया”

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