Poetry

Music of the heart!!!

EBook Launch

Dear friends The hysteria on Twitter doesn’t seem to be dying out today because it is the Blog chatter Ebook Carnival! Unlocked- Historical Tales in Verse my debut book based on the A to Z Series 2020 is enlisted right there and is available for free download for a short period. So, what are you …

EBook Launch Read More »

जो छूट गए…

जो छूट गए वो पल भर थे सागर नही बस लहर ही थे मंज़िल तो नही पथिक ही थे फिर क्षोभ है क्यों उनके जाने का क्रोध है क्यों संसार मे जिसने जन्म लिया पृथक ही उसने जीवन जिया आते जाते कुछ हाथ मिले जो एक मोड़ तक साथ चले फिर राह चुनी जो तूने …

जो छूट गए… Read More »

यादों का स्वेटर

(आज मेरे बेटे का जन्मदिन है। चौदह साल यूँ गुज़र गए मानो छू मंतर हो गए! उसके बचपन को याद करते हुए कुछ पंक्तियाँ लिखी हैं) लम्हों के ऊनी धागों सेमैंने यादों का स्वेटर सजोया हैवक़्त तो बेज़ार हैदेखो तेज़ रफ़्तार हैस्वेटर अब वो सिमट गया हैसमय से जैसे लिपट गया हैऊन अब भी नर्म …

यादों का स्वेटर Read More »

मैं इश्क़ हूँ

सच मे,तुम्हारी कसम,चाँद को हथेली पर रख सकता हूँमैं इश्क़ हूँकुछ भी कर सकता हूँ!तारों की बारातसजा सकता हूँबिंदु से तरंगेउठा सकता हूँमन को आतुरकर उसकी थाह लेता हूँमैं इश्क़ हूँइन्द्रजालों में पनाह लेता हूँ।मैंने आसमान को लाल भी रंगा हैपंखों के बिनाउड़ने का स्वाद भी चखा है,फीकी खिचड़ी को भोज बताया हैमैं इश्क़ हूँमैने …

मैं इश्क़ हूँ Read More »

The Phone Call

<a href=”http://Image by Free-Photos from Pixabay” target=”_blank” rel=”noopener”>(Image Source) It was just an ordinary day at work His head, buried in files, sought some respite. There was a presentation that lurked in the laptop and another one that needed to be chopped. The boss was expected at any time He knew he had to toe …

The Phone Call Read More »

सपनों के शहर हम जाते नही

उड़ने का हौंसलाहम दिखाते नही,सपनों के शहरअब हम जाते नही। बहती हवाक्यों पेड़ों की शाखाओंसे उलझ गई,पानी की लहर देखोउफ़ान से पहलेही सिमट गई,उड़ती पतंग भीअपनी डोर से आके लिपट गई। पिंजरों से हमेंशिकायत है बड़ीफिर भी उड़ने का हौंसलाहम दिखाते नही,सपनों के शहरअब हम जाते नही। आसमानों की मुरादहमें कम तो नहीमगर पैरों को …

सपनों के शहर हम जाते नही Read More »

तो क्या मिल जाते हैं चुप रहने वाली औरतों को सौ सुख?

कहते हैं वो घर सुखी होते हैंजहां औरतें कम बोलती हैं,उनकी चुप्पी की बुनियादपर खड़े होते हैंखुशियों के शीश महल, भर जाती हैं उनकी झोलियाँहज़ारों सुखों से।एक चुप परवो कहते हैं नासौ सुख वारते हैं…और ताउम्र की चुप्पी पर? गुज़र जाती हैउनकी ज़िंदगीसिर्फ एक उसूल पर,वो जानती हैंबोलने के गुनाहों केमाफीनामे नही बनते। कटघरे बनते …

तो क्या मिल जाते हैं चुप रहने वाली औरतों को सौ सुख? Read More »

पतंगों की जंग

अब शीत लहर घबराई सी ढूंढे नए छोर, सूरज की किरणों को देखो खींचो पतंग की डोर ! आसमान में रंग हैं बिखरे, बिखरे चहुँ ओर मुंडेरों के पीछे से सब मचा रहे हैं शोर! छतों के ऊपर देखो कैसा मेला लगा है यार धरा भेज रही है जैसे नभ को अपना प्यार दोस्त हो …

पतंगों की जंग Read More »

रहती है सिर्फ याद

रास्ते सफर बन जाते हैं ढूंढ लेते हैं नए सिरे अंत से पहले। बालों में उलझा हवा का झोंका झटक जाता है, समय की छलनी से मैं देखती हूँ पहाडों पर बिखरती धूप। मुट्ठी में भर लायी थी जो, उस सुबह की भीनी सुगंध को चुटकी भर सूंघ लेती हूँ। दर्पण सा साफ था नीले …

रहती है सिर्फ याद Read More »

सूर्य पर भी ग्रहण आता है

देखो न सूर्य पर भी ग्रहण आता है पल भर के लिए ही सही उसका बिम्ब भी छिप जाता है। चाँद को अपनी छाया पर गुमान है मगर यह दिवाकर अभी भी आग के गोले के समान है हीरे की अंगूठी सा दमकता है सूरज गुमनामी में भी चमकता है। वह जानता है यह तो …

सूर्य पर भी ग्रहण आता है Read More »

%d bloggers like this: